चाहे आप कोई भी हो चाहे पंडित हो चाहे अनपढ़ हो चाहे गरीब हो चाहे करोड़पति चाहे कोई साधू हो संत तो महात्मा हो चाहे चोर हो ठग हो कातिल हो आपको एक दिन भगवान , प्रभु , ईश्वर के दर्शन अवश्य होंगे और आप उनसे एक हो जाएंगे
चाहे आप इस बात को माने या न माने चाहे ईश्वर भगवान मे मानते हो या न मानते हो फिर भी आपको एक दिन उसके दर्शन अवश्य होंगे । बड़े से बड़े नास्तिक को और बड़े से बड़े गुनेगार को भी एक दिन भगवान के दर्शन अवश्य होंगे यह एक परम सत्य है यह कभी जुठ नहीं हो शकता । आप चाहे आज ना मानते हो लेकिन कुछ और जन्मो के बाद आप ये मानने लगेंगे और इसके लिए क्रियाशील भी होंगे और आगे बढ़ते बढ़ते आपको एक दिन उस परम पिता के दर्शन अवश्य होंगे यही सत्य है
यह एक अंतिम सत्य है । हमारा सर्जन परम पिता मे से ही होता है और घूम फिरकर अंत मे हमे उस से एक होना होता ही है
चाहे आप इस बात को माने या न माने चाहे ईश्वर भगवान मे मानते हो या न मानते हो फिर भी आपको एक दिन उसके दर्शन अवश्य होंगे । बड़े से बड़े नास्तिक को और बड़े से बड़े गुनेगार को भी एक दिन भगवान के दर्शन अवश्य होंगे यह एक परम सत्य है यह कभी जुठ नहीं हो शकता । आप चाहे आज ना मानते हो लेकिन कुछ और जन्मो के बाद आप ये मानने लगेंगे और इसके लिए क्रियाशील भी होंगे और आगे बढ़ते बढ़ते आपको एक दिन उस परम पिता के दर्शन अवश्य होंगे यही सत्य है
यह एक अंतिम सत्य है । हमारा सर्जन परम पिता मे से ही होता है और घूम फिरकर अंत मे हमे उस से एक होना होता ही है
